रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक एवं रामवनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़े रामगढ़ में आयोजित दो दिवसीय “रामगढ़ महोत्सव-2026” के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा का अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जोगीमारा गुफा के प्राचीन शिलालेख, भित्तिचित्रों तथा क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर हाथीपोल का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ सरगुजा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य एवं पर्यटन का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत भी विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान रखती है। रामगढ़ जैसी धरोहरें हमारी ऐतिहासिक अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों।

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

उल्लेखनीय है कि रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ भारतीय इतिहास, स्थापत्य, शिलालेख एवं चित्रकला की अनुपम धरोहर मानी जाती हैं। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इन्हीं पहाड़ियों में अपनी कालजयी कृति “मेघदूतम्” की रचना की थी, जिसका आरंभ “आषाढस्य प्रथमदिवसे” से होता है। इसी ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लगभग 44 फीट लंबी सीताबेंगरा गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच, जोगीमारा गुफा में तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भित्तिचित्र परंपरा तथा यहाँ प्राप्त प्राचीन अभिलेख इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रामगढ़ की एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान “हाथीपोल” नामक प्राकृतिक सुरंग है। लगभग 180 फीट लंबी तथा 15 से 20 फीट ऊँची यह प्राकृतिक सुरंग अपनी अनूठी संरचना के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ इस सम्पूर्ण क्षेत्र को और अधिक रहस्यमयी, आकर्षक एवं ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित इन कलात्मक गुफाओं का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है, जिसके कारण यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink hack forum hacklink film izle hacklink starzino betrouwbaarLemon Casinomostbet plcasino starzinoLemon CasinovavadagrandpashabetVox CasinoAvrupabetbest esim for the stanscasino sitemamibetggbet plChicken road Polskajojobetmafia casino en lignePinco Kazinovavadauk casinosDeutschland online casinosDeutschland online casinos1xbet girişgamestopbetting not on gamstopwettigobahigo girişChicken road polskaRoyal Reelsonline casinoonline casino1xbet110casibomSweet Bonanzaseriöse wettanbieter ohne oasisnon gamstop casinoscrypto casinoschicken road polskasweepstakes casinostakipçi satın alggbet casinoggbetggbet casino plUFABETz library1xbet türkiyeggbetChicken Roadpusulabet güncel giriş1xbet girisVox Casinoggbetbetcio1xbetjojobetjojobet girişholiganbetbetgarantiholiganbet