प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में मैनुअल स्केवेंजर्स हेतु राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक संपन्न….

रायपुर: आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जाति विकास विभाग के अंतर्गत हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध तथा उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति की बैठक मंत्रालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित हुई।

बैठक में भारसाधक सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री बसव राजू, आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्री वी.पी. तिर्की, संयुक्त सचिव श्री अनुपम त्रिवेदी, अपर संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग श्री एन. बुलीवाल, द.पू.म.रे. से मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक श्री रणजीत सुमन, सहायक निदेशक, जनगणना निदेशालय श्री एम.के. महलांगे, एनजीओ से श्रीमती सुनिता कुर्रे, समुदाय की महिला एवं पुरूष प्रतिनिधि क्रमशः श्रीमती उत्तरा प्रहरे एवं श्री राजपाल कसेर सहित विभाग के अपर संचालक श्री जितेन्द्र गुप्ता, उपायुक्त श्री विश्वनाथ रेडडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि शासन द्वारा राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति के पुनर्गठन के बाद यह पहली बैठक है उन्होंने बताया कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देश के परिपालन में गाईडलाइन अनुसार प्रदेश के समस्त जिलों में मैनुअल स्केवेंजर्स रिसर्वे करवाया गया जिसमें सभी जिला कलेक्टर द्वारा मैनुअल स्केवेंजर्स मुक्त का प्रमाण पत्र दिया गया है जो कि प्रदेश के लिए बहुत ही सम्मान एवं गौरव का क्षण है। इस जानकारी को भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली को प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जबरन/दबावपूर्वक मैनुअल स्केवेंजर्स का कार्य करवाने वाले व्यक्तियों हेतु दंड का भी प्रावधान है, जिसमें एक वर्ष का कारावास अथवा पचास हजार तक जुर्माने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि हाथ से मैला उठाने की प्रथा मानवीय मूल्यों एवं संविधान द्वारा स्थापित उच्च आदर्शों के विपरीत है। समाज में हर व्यक्ति को पूरे सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। उन्होंने मैन्युअल स्कैवेंजर्स प्रथा के उन्मूलन की दिशा में सराहनीय प्रयास हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा अन्य सहयोगी विभागों/संस्थानों के समन्वित प्रयास की भी सराहना की।

बैठक में वर्ष 2019 में आयोजित पूर्व बैठक का कार्यवाही विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन के प्रतिषेध और उनके पुनर्वास नियम, 2013 के अंतर्गत नगर पालिकाओं एवं अन्य विभागों से प्राप्त जिलों की पुनर्सर्वेक्षण रिपोर्ट पर राज्य स्तरीय सर्वेक्षण समिति द्वारा चर्चा की गई एवं भारत सरकार को रिपोर्ट प्रेषित किए जाने हेतु अनुमोदन किया गया।

बैठक में उपस्थित सदस्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र एवं टाउनशिप में कार्य करने वाले मजदूर वर्ग हेतु स्वच्छ शौचालय बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा प्रत्येक जनपद पंचायत क्षेत्र में सीवरेज डंपिंग के लिए एक से दो गाडि़यों की उपलब्धता पर बल दिया। साथ ही ऐसे क्षेत्र जहां पर अभी तक स्वच्छ शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है वहां तत्काल गैप फिलिंग किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता की दिशा में बेहतरीन कार्य हेतु मेघालय एवं उत्तर पूर्व राज्यों के कुछ ग्रामों का भी उल्लेख किया।

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