मंत्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए 50 हजार 537 करोड़ रुपए से अधिक की अनुदान मांगें पारित….

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज कृषि एवं अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 50 हजार 537 करोड़ 98 लाख 68 हजार रूपए की अनुदान मांगे पारित की गईं। इसमें कृषि विभाग के लिए 7075 करोड़ 90 लाख 56 हजार रूपए, पशुपालन विभाग के लिए 656 करोड़ 12 लाख 49 हजार रूपए, मछली पालन विभाग के लिए 110 करोड़ 67 लाख 30 हजार रूपए की अनुदान मांगें शामिल हैं। इसी प्रकार आदिम जाति कल्याण के लिए 157 करोड़ 05 लाख 58 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के लिए 39,568 करोड़ 18 लाख 20 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-सड़कें और पुल के लिए 1596 करोड़ 89 लाख रूपए, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा से संबंधित व्यय के लिए 447 करोड़ 30 लाख रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना से संबंधित लोक निर्माण कार्य-भवन के लिए 215 करोड़ 69 लाख 19 हजार रूपए, अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 453 करोड़ 91 लाख 68 हजार रूपए तथा अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत नगरीय निकायों को वित्तीय सहायता के लिए 256 करोड़ 24 लाख 68 हजार रूपए शामिल हैं।

कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए श्री रामविचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मूलभाव खेती-किसानी से जुड़ा है। यह हमारी आत्मा में बसी हुई है। राज्य में 70-80 प्रतिशत लोगों की कृषि पर निर्भरता है। छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य प्रदेश भी है। राज्य में विश्व स्तरीय जनजातीय संग्रहालय बनाकर हमने इतिहास में जगह नहीं पाने वाले जनजातीय नायकों को स्थान दिया है। हमारे इस विश्व स्तरीय डिजिटल संग्रहालय के अध्ययन के लिए देश-विदेश के विशेषज्ञ और अधिकारी आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की तेज उड़ान के लिए तैयार है। केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब बस्तर अमन-चैन और खुशहाली के रास्ते की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को हमने “संकल्प” की थीम पर तैयार किया है। इस “संकल्प” से ही हम राज्य के विकास की सिद्धि को हासिल करेंगे।

श्री नेताम ने सदन में कहा कि कृषि उन्नति योजना के माध्यम से हम राज्य के किसानों का धान 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रहे हैं। धान के अलावा अन्य फसलें लेने वाले किसानों को हर साल 10 हजार रूपए की आदान राशि दे रहे हैं। इससे दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों के हित में लगातार लिए गए कल्याणकारी फैसलों से खेती अब लाभ का व्यवसाय हो गया है। साथ ही खेती का रकबा बढ़ रहा है, किसान समृद्ध और किसान खुशहाल हो रहे हैं।

आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में खाद्य पोषण सुरक्षा और बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश के कम वर्षा वाले क्षेत्रों एवं पड़ती भूमि में मसूर, तिवरा, चना जैसे दलहनी फसलों की खेती के लिए उन्नत बीज तैयार करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक फसली जमीन को दो फसली बनाने के काम को अभियान के रूप लेना चाहिए। जैविक खेती को बढ़ावा देने हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है। पहले भी हमारी सरकार ने गरियाबंद, दंतेवाड़ा और सुकमा को जैविक जिला घोषित किया है, शेष जिलों में भी जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में केन्द्र सरकार के सहयोग से सरसों, अरहर, मूंग और उड़द की खरीदी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की जा रही है।

श्री नेताम ने सदन में बताया कि किसानों के लिए हमारी सरकार ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच के अनुरूप किसानों को समृद्ध बनाने कम पानी में अधिक फसल लेने की तकनीकों की जानकारी भी दी जा रही है। किसानों को “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

श्री नेताम ने कहा कि राज्य में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास के लिए सभी काम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध का उत्पादन बढ़ाने एनडीडीबी के साथ एमओयू किया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में हरे चारे के विकास के लिए 7.50 करोड़, चिलिंग प्लांट के लिए 50 लाख, शूकर वितरण के लिए 5 करोड़ और बकरी वितरण के लिए 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में मत्स्य बीजों के उत्पादन में बेहतर काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ इसके उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर अब 6वें से 5वें स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि धमधा के राजपुर में मत्स्य कॉलेज के लिए भवन और छात्रावास निर्माण के लिए इस बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

श्री नेताम ने अनुसूचित जनजाति विकास विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि वनांचलों में बड़ी संख्या में आश्रम-छात्रावासों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। विगत दो वर्षों में 167 आश्रम-छात्रावास भवन स्वीकृत किए गए हैं, जिनके निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उन्होंने बताया कि राज्य की अति पिछड़ी जनजातियों को आत्मनिर्भर बनाने कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में बीजापुर में 500 सीटर आवासीय प्रयास विद्यालय बनाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से हमारी सरकार प्रदेश के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनजातीय वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस योजना के तहत अनेक गांवों का कायाकल्प हुआ है।

कृषि एवं संबद्ध विभागों तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से संबंधित अनुदान मांगों पर चर्चा में विधायकगण सर्वश्री पुन्नुलाल मोहले, व्यास कश्यप, मोतीलाल साहू, कवासी लखमा, धर्मजीत सिंह, जनक ध्रुव, तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, धरमलाल कौशिक, रामकुमार यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, सुश्री लता उसेंडी, श्रीमती अंबिका मरकाम, श्रीमती भावना बोहरा और श्रीमती सावित्री मंडावी ने भाग लिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink hack forum hacklink film izle hacklink starzino betrouwbaarLemon Casinomostbet plcasino starzinoLemon CasinovavadagrandpashabetVox CasinoAvrupabetbest esim for the stanscasino sitemamibetggbet plChicken road Polskajojobetmafia casino en lignePinco Kazinovavadauk casinosDeutschland online casinosDeutschland online casinos1xbet girişgamestopbetting not on gamstopwettigobahigo girişChicken road polskaRoyal Reelsonline casinoonline casino1xbetKralbet2290.comSweet Bonanzaseriöse wettanbieter ohne oasisnon gamstop casinoscrypto casinoschicken road polskasweepstakes casinosredwinggbet casinoNitrobahisggbetjojobetjojobetcasibomjojobetholiganbetbetparkankara escort