एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र….

रायपुर: प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन के अंतर्गत जिला धमतरी के ग्राम दुगली में स्थापित वन- धन विकास केंद्र (VDVK) आज महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता का सफल उदाहरण बन गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के मार्गदर्शन में संचालित यह केंद्र वनोपज के मूल्य संवर्धन के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को रोजगार और सम्मानजनक आय प्रदान कर रहा है।

एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र

25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार

दुगली वन धन विकास केंद्र के स्व-सहायता समूहों के संघ के रूप में कार्य कर रहा है। एक प्रमुख समूह संचालन की जिम्मेदारी संभालता है, जबकि अन्य समूह आवश्यकता और ऑर्डर के अनुसार उत्पादन कार्य में सहयोग करते हैं। केंद्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनने का अवसर मिला है।

केंद्र में वर्तमान में लगभग 25 विभिन्न प्रकार के औषधीय और खाद्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें हर्बल पाउडर, स्वास्थ्य पेय और अन्य हर्बल उत्पाद शामिल हैं। सभी उत्पाद गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बनाए जाते हैं तथा आयुष और खाद्य सुरक्षा विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त हैं।

एलोवेरा आधारित पर्सनल केयर उत्पादों से पहचान बना रहा दुगली का वन धन विकास केंद्र

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच

विशेष रूप से एलोवेरा से तैयार साबुन, क्रीम, बॉडी वॉश और हैंडवॉश जैसे पर्सनल केयर उत्पादों ने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है। इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे महिलाओं की आय में भी वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, मशीनरी सहायता, ब्रांडिंग और विपणन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके परिणामस्वरूप उत्पाद राज्य स्तरीय मेलों, विभागीय नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक बाजार तक पहुँच रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में केंद्र का वार्षिक कारोबार 74 लाख 62 हजार 156 रुपए दर्ज किया गया, जो इसकी सफलता को दर्शाता है।

‘छत्तीसगढ़ हर्बल’ ब्रांड के अंतर्गत तैयार उत्पाद अब विभिन्न मार्ट, चयनित आउटलेट्स और ऑनलाइन माध्यमों पर उपलब्ध हैं तथा आयुष विभाग और पर्यटन मंडल को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना किया साकार

दुगली वन धन विकास केंद्र आज केवल एक उत्पादन इकाई नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और सामाजिक बदलाव की प्रेरक कहानी बन चुका है, जो यह दर्शाता है कि शासकीय योजनाओं और सामूहिक प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का सपना साकार किया जा सकता है।

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