मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जल संरक्षण विजन को जमीनी रूप देता बुनगा का गतवा तालाब….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और सहभागी विकास की अवधारणा से राज्य सरकार की जल संरक्षण-संवर्धन नीति और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गाँव-गाँव में जल स्रोतों का पुनर्जीवन हो रहा है। इसी दूरदर्शी सोच का सशक्त उदाहरण रायगढ़ जिला अंतर्गत जनपद पंचायत पुसौर के ग्राम पंचायत बुनगा में देखने को मिला है, जहाँ मनरेगा योजना के तहत गतवा तालाब का गहरीकरण एवं जीर्णाेद्धार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। यह कार्य न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि ग्रामीण आजीविका, कृषि और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो रहा है।

पूर्व में ग्रीष्मकाल के दौरान गतवा तालाब लगभग सूखने की स्थिति में पहुँच जाता था, जिससे निस्तारी, सिंचाई एवं पशुपालन गंभीर रूप से प्रभावित होते थे। तकनीकी टीम द्वारा स्थल निरीक्षण के पश्चात तालाब को गहरीकरण हेतु चिन्हांकित किया गया और जिला प्रशासन द्वारा 8.96 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।

गहरीकरण से बढ़ी जल संचयन क्षमता

मनरेगा अंतर्गत संचालित इस कार्य से लगभग 3292 मानव दिवस का सृजन हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला। कार्यस्थल पर पथरीली एवं मुरूमी मिट्टी होने के कारण अतिरिक्त श्रम और समय की आवश्यकता पड़ी, किंतु ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला प्रशासन के बेहतर समन्वय से कार्य को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया गया। गहरीकरण उपरांत तालाब की जल संग्रहण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन संभव हो सका।

तालाब के जीर्णाेद्धार के बाद यह अब सिंचाई, मत्स्य पालन, निस्तारी एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। आसपास के खेतों में सिंचाई सुविधा बढ़ने से कृषि उत्पादन में सुधार हुआ है, वहीं मत्स्य पालन से ग्रामीणों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कार्य पूर्ण होने के पश्चात ग्राम में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने जल संकट से राहत मिलने पर जिला प्रशासन एवं छत्तीसगढ़ शासन, विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। कार्य प्रारंभ से पूर्व सूखने की कगार पर खड़ा गतवा तालाब आज जल से परिपूर्ण दिखाई देता है, जो सुशासन, योजनाबद्ध क्रियान्वयन और जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है। ग्राम पंचायत बुनगा का यह प्रयास अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है।

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