किसानों की मेहनत को मिल रहा सम्मान

महासमुंद जिले में 86 हजार 307 टन धान की खरीदी

किसान भूपेन्द्र, पवन और सतीश ने कहा  टोकन तुहर एप से किसानों को  मिला समान अवसर

रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले के 182 धान उपार्जन केन्द्रों में अब तक 80 हजार 600 टन धान की खरीदी की जा चुकी है तथा  आज 28 नवम्बर को 5707 टन धान की खरीदी की गई । इस प्रकार आज शाम तक कुल 86307 टन धान की खरीदी हो जाएगी।

जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी शुरू हो गई है। इसी क्रम में जिले के ग्राम बेलसोंडा धान उपार्जन केंद्र में विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी तरीके से जारी है। अब तक केंद्र में 9,330.80 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है, जिसमें 2,346.80 क्विंटल मोटा धान तथा 6,984 क्विंटल सरना (पतला) धान शामिल है। किसानों की बढ़ती भागीदारी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ खरीदी केंद्र की सफलता को दर्शाती हैं। बेलसोंडा के केंद्र प्रभारी ने बताया कि अधिकांश किसान पहले से ही ऑनलाइन टोकन कटवाकर निर्धारित समय पर धान लेकर केंद्र पहुंच रहे हैं। इससे खरीदी प्रक्रिया तेज़, सरल और भीड़मुक्त बनी हुई है।

यहां धान बेचने आए नांदगांव के किसान भूपेंद्र कुमार पटेल ने अपने 7 एकड़ खेत से उपजाया 80 क्विंटल धान बेचकर खरीदी प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली से उन्हें केंद्र पर इंतजार नहीं करना पड़ा और पूरी प्रक्रिया सहज रही। इसी तरह नांदगांव की सतीश सोनी ने अपने 5 एकड़ खेत से उपजाए गए धान में से 28 क्विंटल धान बेलसोंडा केंद्र में बेचा। वे भी निर्धारित समय पर पहुंचीं और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया संपन्न की।

इसी तरह घोड़ारी गांव के लघु कृषक पवन कुमार चक्रधारी ने 2 एकड कृषि भूमि पर अपनी मेहनत से उपजाएं 44.40 क्विंटल धान केंद्र में आसानी से विक्रय किया। छोटे किसान होने के बावजूद उन्होंने समय पर टोकन कटवा कर खरीदी का लाभ उठाया और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की।

बेहतर व्यवस्थाएँ बनी सुगम खरीदी का आधार केंद्र प्रभारी ने बताया कि केंद्र में खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के साथ किया जा रहा है। टोकन की सुविधा नजदीकी सीएससी, मोबाइल ऐप व सहकारी समिति कार्यालय में उपलब्ध है। यहां बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। तौल, नमी की जांच और भुगतान प्रणाली पूरी तरह डिजिटाइज्ड है। किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खाते में जमा किया जा रहा है। बेलसोंडा केंद्र में सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते किसानों का विश्वास और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में किसानों के धान की खरीदी होने की उम्मीद है।

 

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