कल पूरी दुनिया, मोदी जी के नेतृत्व में योग फॉर वन अर्थ,वन हेल्थ, की थीम पर योग दिवस मनाएगी:ओपी चौधरी

मोदी जी के प्रयासों से योग आधारित अर्थव्यवस्था 20 हजार करोड़ की:ओपी चौधरी
योग पर मोदी जी की पहल एक वैश्विक आंदोलन बनी:ओपी चौधरी
भाजपा जिला से लेकर मंडल स्तर तक पूरे जोश के साथ मनाएगी योग दिवस:संजय श्रीवास्तव
रायपुर।  छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि कल शनिवार 21 जून 2025 को पूरी दुनिया “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” की थीम के साथ 11वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने जा रही है। गत दस वर्षों में भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को दुनिया में अपना उचित स्थान मिला है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों का ही परिणाम है कि भारत की योग आधारित अर्थव्यवस्था कुल 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की हो चुकी है और 1 लाख से अधिक प्रमाणित योग शिक्षक दुनिया के 190 देशों में योग सीखने-सिखाने का कार्य कर रहे हैं।
प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी ने शुक्रवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता में बताया कि राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) के हाल ही में हुए सर्वेक्षण में पाया गया कि देश के 2.5 करोड़ घरों में, जो कि देश की आबादी का लगभग 8% है, कम-से-कम एक सदस्य नियमित योग करता है। यह योग के भारतीय जीवन शैली से जुड़ाव को दिखाता है और यह स्थापित करता है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार आम भारतीय के जीवन की प्राथमिकताओं पर चल रही है। श्री चौधरी ने कहा कि आज के इस कठिन दौर में, जहाँ बीमारियों और जनसंख्या दोनों ही तेज़ी से बढ़ रही हैं, योग एक ऐसा माध्यम है जिससे हम सभी एक स्वस्थ, संतुलित और खुशहाल जीवन जी सकते हैं। योग केवल शरीर की क्रियाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा, मन और चेतना को जोड़ने वाली एक जीवनशैली है। भारत, जो योग की भूमि है, ने सदियों से इसे संरक्षित और प्रचारित भी किया है। यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और आज विश्वभर में इसके वैज्ञानिक लाभों को स्वीकार किया जा रहा है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत जैसा कोई दूसरा देश शायद ही हो, जिसका इतना व्यापक, समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक इतिहास रहा हो। जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में यह प्रस्ताव रखा कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाए, तब बहुत-से लोग जो पहले योग का मज़ाक उड़ाया करते थे, उन्हें यह कल्पना भी नहीं रही होगी कि यह पहल एक दिन वैश्विक आंदोलन का रूप ले लेगी। इस ऐतिहासिक क्षण में 177 देशों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया। यह भारत की सांस्कृतिक विरासत की जीत थी। श्री मोदी ने न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में भारतीय मूल्यों और परंपराओं के प्रति एक नई जागरुकता उत्पन्न की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के पंच-प्रण का संदेश यही है कि हम विकास के साथ अपनी विरासत को आत्मसात करें, उसे सहेजें।
प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को 21 जून को मनाने के पीछे एक गहरा और वैज्ञानिक कारण भी है। 21 जून वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसी दिन दक्षिणायन की शुरुआत होती है। भारतीय शास्त्रों और आयुर्वेद में यह माना गया है कि दक्षिणायन के प्रारंभ से वातावरण में अशुद्धता बढ़ने लगती है और हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे समय में तन और मन को संतुलित बनाए रखने, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए योग एक अत्यंत प्रभावी साधन है। श्री चौधरी ने कहा कि योग हमारी 15 हजार साल पुरानी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। आदियोगी शिव को योग का प्रथम ज्ञानदाता माना जाता है, जिन्होंने सप्तर्षियों को योग की गूढ़ विधाओं का उपदेश दिया। बाद में महर्षि पतंजलि ने योग को एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से व्यवस्थित किया और उसे आस्था, अंधविश्वास और भ्रम से निकालकर एक प्रमाणित जीवनशैली के रूप में दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया। योग केवल शारीरिक क्रियाओं का नाम नहीं है, बल्कि मन की स्थिरता, भावनाओं का संतुलन, और आत्मा की शुद्धता की साधना है। श्री चौधरी ने कहा कि “युव्रा” और “योग” जितने उच्चारण में मिलते-जुलते हैं, उतनी ही गहराई से एक-दूसरे से जुड़े भी हैं। आज योग से विमुख होते जा रहे युवाओं को पुन: योग से जोड़ा जडा रहा है। युवा योग अपनाएँ। योग कोई कठिन साधना नहीं, बल्कि मन को एकाग्र करने, तन को स्थिर करने, और आत्मा को शांत करने का एक सरल, वैज्ञानिक और प्रभावी तरीका है।
प्रदेश के वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से 21 जून के दिन को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने के प्रस्ताव को 11 दिसंबर 2014 को यूनाइटेड नेशन्स की जनरल असेंबली ने सर्वसम्मति से पारित किया था। इस प्रस्ताव को विश्व के 175 देशों का समर्थन मिला था। यह समर्थन यूनाइटेड नेशन की जनरल असेंबली के इतिहास में किसी भी प्रस्ताव को मिले समर्थन से अधिक था। अब तक विश्व में योग दिवस पर हुए वैश्विक आयोजनों की चर्चा करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि 21 जून 2015 को पहले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर न्यूयॉर्क, पेरिस, बीजिंग, बैंकॉक जैसे शहरों में भव्य आयोजन किया गया। प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस “योग फॉर पीस एंड हारमनी” की थीम पर आधारित था। इस दिन दिल्ली के एक योग कार्यक्रम में 35,985 लोगों ने एक साथ योग कर विश्व रिकॉर्ड बनाया, इन लोगों में 84 देशों के नागरिक शामिल थे। इस वर्ष 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को खास बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा 10 तरह के खास आयोजन किये जा रहे हैं। इस वर्ष योग संगम का आयोजन कर 10 हजार स्थानों पर एक साथ योग प्रदर्शन कर विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। योग वंदन के तहत प्रतिष्ठित स्थलों पर योग सत्र आयोजित करने के लिए 10 देशों के साथ वैश्विक साझेदारी की गई है। दीर्घकालिक सामुदायिक जुड़ाव के लिए 1 हजार योग पार्कों का विकास किया जाएगा। दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और हाशिए पर रहे समूहों के लिए विशेष योग कार्यक्रम रखे जाएंगे। इसी प्रकार प्रसिद्ध योग विशेषज्ञों और स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की भागीदारी वाला एक वर्चुअल वैश्विक योग शिखर सम्मेलन होगा। योग को वृक्षारोपण और सफाई अभियान के साथ मजबूती से जोड़ने वाली एक पहल शुरू की जा रही है। 10 स्थानों पर एक सप्ताह तक चलने वाले योग महाकुंभ उत्सव का समापन प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में एक केंद्रीय समारोह में होगा। समग्र स्वास्थ्य के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सेवा के साथ योग को एकीकृत करने वाली 100-दिवसीय पहल संयोगम का आयोजन किया जा रहा है।
*अस्त , व्यस्त जटिल जीवनशैली में योग बेहद जरूरी:संजय श्रीवास्तव*
*भाजपा प्रदेश महामंत्री व राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव* ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज की अस्त-व्यस्त और जटिल जीवनशैली में योग हमारे लिए बेहद जरूरी हो चला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी हमारी पारम्परिक विरासतों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का कार्य कर रहे हैं और इसी कड़ी में उन्होंने योग को अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता दिलाते हुए 21 जून को योग दिवस घोषित करवाया। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा योग दिवस के आयोजन के लिए समर्पित है और व्यापक पैमाने पर इस आयोजन में अपनी सहभागिता कर रही है। इस दृष्टि से छत्तीसगढ़ में भी विभिन्न स्तरों पर जागरुकता सत्र, कार्यशालाओं, गोष्ठियों, योग प्रशिक्षण के कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं। इससे प्रदेशभर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम “योगा फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” रखी गई है, जो व्यक्ति, समाज और पर्यावरण की आपसी जुड़ाव और संतुलन को दर्शाती है। प्रदेश भाजपा के तत्वावधान में योग दिवस का बड़े पैमाने पर आयोजन किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रदेश के सभी तीर्थ, पर्यटन व ऐतिहासिक स्थलों पर योग दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। योग दिवस को व्यापक रूप से आयोजित करने का अलग-अलग विभागों के माध्यम से संगठनों के माध्यम से व्यापक स्तर पर योग दिवस के आयोजन में हम सबकी सहभागिता रहेगी।
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित चिमनानी, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अनुराग अग्रवाल, मीडिया पैनलिस्ट सुनील चौधरी और भाजपा रायपुर (शहर) जिला महामंत्री सत्यम दुवा भी उपस्थित थे।

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