रायपुर : हमारी सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : हमारी सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री साय
हमारी सरकार बस्तर में शांति और विकास के लिए प्रतिबद्ध

कोण्डागांव जिले में 94 करोड़ रूपए से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

भोंगापाल में बुद्ध महोत्सव के लिए 25 लाख रूपए की घोषणा

भोंगापाल का सांस्कृतिक व पर्यटन क्षेत्र में उन्नयन के लिए मिलेगी एक करोड़ की राशि

रायपुर

छत्तीसगढ़ ने बौद्ध धर्म से जुड़ी सुंदर स्मृतियों को अपनी अमूल्य विरासत के रूप में सहेज कर रखा है। हमारा सौभाग्य है कि भगवान बुद्ध की चेतना का प्रसार समकालीन छत्तीसगढ़ में व्यापक रूप से हुआ और बस्तर की पुण्य धरा इसके साक्ष्य मिले हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोण्डागांव जिले के भोंगापाल में भगवान बुद्ध की जयंती के अवसर पर आयोजित बुद्ध महोत्सव और लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर कोण्डागांव जिले में 94 करोड़ 18 लाख रूपए से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास कर जिलेवासियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री और अतिथियों ने भगवान बुद्ध के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भोंगापाल का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इतना अधिक है कि आज यहां जनसैलाब उमड़ पड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बस्तर में शांति स्थापना और विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षाे में हमने जो विकास किया है इसे आप सभी जानते है और लाभान्वित भी हो रहे हैं। हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सभी गारंटियों को पूरा करने का काम किया है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पलेना एवं परोदा नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण, भोंगपाल बुद्ध महोत्सव के आयोजन के लिए 25 लाख रूपए, सांस्कृतिक दलों को बढ़वा देने के लिए उनके वेश भूषा पहनावा ढोल मांदर सांस्कृतिक गतिविधियों तथा भोंगपाल को   सांस्कृतिक पर्यटन क्षेत्र के उन्नयन के लिए एक करोड़ रूपये स्वीकृत किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि प्रदेश के गरीब व जरूरतमंद परिवारों को हमारी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत करने का जो सिलसिला शुरू किया था, वह अनवरत जारी है। साय ने कहा कि नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए भी 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए है और विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए भी लगातार आवास देने का काम हमारी सरकार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं बहनों को महतारी वंदन योजना की राशि नियमित रूप से दी जा रही है। सुशासन तिहार में प्रदेशव्यापी भ्रमण के दौरान अनेक माताओं बहनों ने महतारी वंदन योजना से जीवन में आए बदलावों के बारे में मुझे बताया है। नारायणपुर प्रवास के दौरान एक अबूझमाड़िया बहन ने बताया कि योजना से मिली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और अब उसे अच्छी आय हो रही है। पूरे प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है, जो इस बात का प्रमाण है कि हम अपने उद्देश्य में सफल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने हाल ही ग्राम पंचायत भवनों में शुरू हुए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को मिल रही बैंकिंग सुविधाओं के बारे में जानकारी दी और कहा कि आने वाले एक साल में सभी पंचायतों में यह सुविधा प्रारंभ होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता देश विदेश में प्रसिद्ध है और इस क्षेत्र में पर्यटन बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित हो इसके लिए हमारे जवान नक्सलियों से डटकर मुकाबला कर रहे हैं। हमारी डबल इंजन की सरकार नक्सलियों के उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है और बस्तर में शांति स्थापना के अपने संकल्प को हम पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सुदूर इलाकों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही है। साय ने कहा कि खेती से लेकर पर्यटन तक को बढ़ावा देने का काम हमारी सरकार कर रही है। इसी आशय से पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। प्रदेश सरकार युवाओं के हित में लगातार भर्तियां भी कर रही है और जल्द ही 5000 शिक्षकों की भर्ती की स्वीकृति भी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में आत्मसमर्पित नक्सली और नक्सल पीड़ित परिवार के लोगांे को जाति प्रमाण पत्र, पीएम आवास के हितग्राहियों को चाबी प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन कर कृषि विभाग, समाज कल्याण विभाग, मत्स्य विभाग, श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को विभिन्न उपकरण और सामग्रियां वितरित की।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि बस्तर परिवर्तन की करवट ले रहा है, अंचल में शांति की स्थापना हो रही है। उन्होंने भोंगापाल में स्थित छठवीं शताब्दी की ऐतिहासिक बुद्ध प्रतिमा और बुद्ध विहार का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर में भगवान बुद्ध का गहरा प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य सरकार के जनहितैषी योजनाओं से प्रदेशवासियों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव का विशेष रूप से जिक्र किया। डॉ. सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर आयोजकों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, विधायक सुलता उसेंडी, विधायक नीलकंठ टेकाम, बौद्ध धर्मगुरु भदन्त आर्य नागार्जुन सुरई ससई, अनिल खोब्रागड़े संयोजक बुद्ध महोत्सव और बड़ी संख्या में बौद्ध समाज के अनुयायी, प्रबुद्धजन मौजूद थे।

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