फ्लोरा मैक्स फर्जीवाड़ा: हिलाओं ने लिया 40 हजार लोन, हो गईं चार लाख कर्जदार

कोरबा

यदि कोई व्यक्ति रोजगार या मकान के लिए किसी बैंक से रुपये लोन लेना चाहता है, तो उसे दस्तावेज के नाम पर कई चक्कर काटने पड़ते हैं। सबसे पहले आईटी रिटर्न देखा जाता है। सिबिल स्कोर की जांच की जाती है।

इसके बाद प्रार्थी के लोन की किस्त चुकाने में सक्षम होने पर ही लोन स्वीकृत किया जाता है। दूसरी ओर सारे नियम कानून को ताख पर रखकर माइक्रो फाइनेंस कंपनियों ने कई लोगों को पांच से 10 बार लोन दे दिया।

फ्लोरा मैक्स कंपनी से आजीविका मिलने की आस में महिलाओं ने 40-40 हजार रुपये का लोन लिया और चार लाख रुपये की कर्जदार हो गईं। ग्राम कछार की रहने वाली संतोषी यादव के नाम पर चार कंपनियों में लोन है।

वहीं, सीतमढ़ी की रहने वाली संतोषी जलवा को फ्लोरा मैक्स ने 10 कंपनियों से लोन दिलाया है। कोरबा शहर की रहने वाली अंजू वर्मा का कहना है कि फ्लोरा मैक्स और फाइनेंस कंपनी की सांठगांठ इस बात से ही प्रमाणित हो रहा है कि एक ही महिला को एक से अधिक बार लोन दिया गया है।

दस्तावेज के नाम पर केवल आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र लिया गया। एक बार में 40 हजार रुपये लोन दिया गया। इसमें से 30 हजार रुपये फ्लौरा मैक्स कंपनी में जमा किया गया। इन पैसों के बदले में महिलाओं को प्रतिमाह 2700 रुपये कमाई का झांसा दिया गया।

शेष 10 हजार रुपये में से 4,500 रुपये प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लिया गया। इस तरह से महिलाओं के हाथ में केवल 5,500 रुपये आए। अब बैंकों के लोन की किश्त चुकाने का बोझ अलग से महिलाओं पर पड़ रहा है।

फ्लोरा मैक्स और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के जाल में फंस चुकीं महिलाएं 10 दिन से लोन माफ के लिए धरने पर बैठीं हैं। राशि डूबने के बाद कर्ज में दबी महिलाओं का जीना मुश्किल हो गया है। रोज बैंक के कर्मचारी लोन की राशि वसूली के लिए घर पहुंच रहे हैं।

इससे तंग आ चुकी महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। तीन दिन पहले प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन व कृषि मंत्री रामविचार नेताम के साथ धरने पर बैठीं महिलाओं की कहासुनी हुई थी।

एचडीएफसी बैंक और फाइनेंस कंपनी पर मामला दर्ज

नियम विरुद्ध लोन देने वाले बैंक और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है। बांगो थाना क्षेत्र के बांधापारा की रहने वाली सावित्री सेद्राम को एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी लखन साहू और सेमीपाली के फ्लोरा मैक्स की एजेंट संतोषी साहू ने 40 हजार रुपये लोन दिलाया था।

पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला पंजीबद्ध किया है। इसी तरह फिन केयर माइक्रो फाइनेंस बैंक कटघोरा के प्रबंधन और एजेंट राधिका कैवर्त निवासी मुड़ापार पर मामला दर्ज किया गया है।

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