छत्तीसगढ़ में बनेगा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेस हब : स्वास्थ्य मंत्री 

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में आज राजधानी के सिविल लाइन सर्किट हाउस में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक औषधि नियंत्रक, औषधि निरीक्षक एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की  दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रदेश के 100 औषधि नियामकों की उपस्थिति रही। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा देश के 30 लाख करोड़ के मेडिकल व्यापार का आधार आप सब हैं। उन्होंने औषधि निरीक्षको के कार्यो के संबंध में कहा कि आप लोगों के द्वारा दवा एवं मेडिकल डिवाइसेस की गुणवत्ता का निर्धारण सुनिश्चित किया जाता है और आपके कार्यों पर विश्वास कर पूरा देश मेडिकल प्रोडक्ट्स का उपयोग कर रहा हैं। इस परिस्थितियों में आपको अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए उस विश्वास को बनाये रखना है। श्री जायसवाल ने प्रशिक्षण की उपयोगिता तथा प्रशिक्षण के बाद उसके संवेदनशील क्रियान्वयन के महत्व को लेकर विस्तार से बात की। श्री जायसवाल ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला छत्तीसगढ़ को फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभायेगी।
इस मौके पर अधिकारियों को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक चंदन कुमार ने कहा कि औषधि एवं मेडिकल डिवाइसेस के व्यापार में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने भारत के संबंध में बात करते हुए कहा कि पूरे विश्व में ऐसा कोई देश नहीं है जहां पर भारतीय दवा अथवा मेडिकल डिवाइसेस की आपूर्ति नहीं की जाती। चंदन कुमार ने खाद्य नियंत्रको और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका के बारे में बात करते हुए कहा कि आपके अच्छे कार्यों की वजह से ही लोगों को सुविधा मिल पाती है और उन्हें बेहतर मेडिकल संसाधन उपलब्ध हो पाते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के राज्य नियंत्रण प्राधिकारी बंसत कुमार कौशिक ने कार्यशाला में होने वाले प्रशिक्षण के विषय में प्रशिक्षण की रूपरेखा एवं विस्तृत तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई। प्रशिक्षण कार्यशाला का आरंभ बिहार राज्य के औषधि नियंत्रण अधिकारी डॉ. अमल कुमार के व्याख्यान से प्रारंभ हुआ जिसमें उनके द्वारा विस्तृत जानकारी के साथ ही अपने अनुभव को कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों के साथ साझा किया गया। कार्यशाला में हरियाणा के प्रबंधक-क्वालिटी एवं रेगुलेटरी एक्सपर्ट डॉ. श्रीकांत नामा द्वारा मेडिकल डिवाईस रूल्स 2017 के विषय में आवश्यक एवं महत्वपूर्ण सावधानियों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण कार्यशाला में ब्लड सेंटर (ब्लड बैंक) के उत्थान, प्रोत्साहन एवं सफल संचालन से संबंधित नियम के बारे में विस्तार से चर्चा की गयी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

hacklink hack forum hacklink film izle hacklink aviator gamebeep beep casinoGrandPashabetcasino siteleriggbet casinostake girişmarsbahis girişggbet casinopincofireball casino zaloguj sięSweet Bonanzasuperbetinpelican casinoholiganbetbetbombetparkjojobetjojobetkingroyal