अकादमी बनाकर मलखंब और जिम्नास्टिक को किया जाएगा प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मलखंब और जिम्नास्टिक को प्रोत्साहित करने के लिए उज्जैन में पृथक-पृथक अकादमी का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि साहसिक खेल गतिविधियों को पर्यटन एवं वन के साथ जोड़कर स्पोर्ट्स एडवेंचर के रूप में मुख्य खेलों में शामिल करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न जिलों से युवाओं का चयन कर साहसी खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाएं। उन्होंने कहा कि महिला, किसान, युवा, गरीब को ध्यान में रखकर रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम संचालित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले में खेल स्टेडियम का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि प्रत्येक स्टेडियम में एक हेलीपेड भी हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में बुधवार को खेल एवं युवक कल्याण की विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती स्मिता भारद्वाज घाटे, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी एवं संचालक रवि कुमार गुप्ता भी उपस्थित थे।

काठियावाड़ी घोड़े ज्यादा श्रेष्ठ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घुड़सवारी के खेल के लिए काठियावाड़ी घोड़ों का प्रदर्शन बहुत अच्छे स्तर का होता है। हम काठियावाड़ी घोड़ों को खेलों में शामिल करते हैं तो और भी बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने कहा कि घुड़सवारी एवं शूटिंग में मध्यप्रदेश की परफार्मेंस अच्छी है। यहाँ की खेल अकादमी श्रेष्ठ अकादमियों में से एक है। अकादमी में 32 घोड़े प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध हैं। घुड़सवारी भी एकमात्र ऐसा खेल है जिसमें महिला और पुरूष दोनों ही वर्ग के खिलाड़ी एक साथ भाग लेते हैं।

खिलाड़ी बन सकेंगे राजपत्रित अधिकारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओलम्पिक एवं एशियन गेम्स पदक विजेता खिलाड़ियों को राजपत्रित अधिकारी के पद पर नियुक्ति दिए जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाये। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, वन, आबकारी, परिवहन, पुलिस और अनुसूचित जनजाति विभागों में खेल कोटे से नौकरी दिए जाने के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों में खेल कोटे में नियुक्ति के लिए प्रचलित नियमों के साथ प्रस्ताव रखने के निर्देश दिए।

खेलो-बढ़ो अभियान से जुड़ेंगे युवा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि योजना में सिर्फ अधोसंरचना ही विकसित नहीं हो, उसके साथ खेल गतिविधियां भी प्राथमिकता से संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि इन खेलों से हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी के छात्र-छात्राओं को इस योजना से जोड़ा जाए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की खेल भावना को पहचानना और उसका विकास करना है। इससे खेलों के प्रति विद्यार्थियों की रूचि और उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी। खेलो इंडिया की तर्ज पर, खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया जाएगा। इसमें सभी विकासखंड के 16 वर्ष से कम आयु के प्रतिभागी शामिल होंगे, जिसमें 24 खेल शामिल किए गए हैं।

गरिमापूर्ण हो खेल समारोह

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल समारोह का आयोजन कैलेंडर बनाकर करें। इसे किसी दिन विशेष से जोड़कर शुरू किया जाए। राष्ट्रीय स्तर पर खेल मंथन शिविर के प्रस्ताव पर उन्होंने कहा कि एक दिन राज्य स्तर पर और एक दिन राष्ट्रीय स्तर पर मंथन के लिए रखें। खेल एवं दी जाने वाली सुविधाओं का समग्र प्लान बनाकर मंथन की तैयारी करें। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्रामीण युवाओं से समन्वय कर जिलों और विकासखंड स्तर पर राष्ट्रीय पर्वों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

संचालक बनेंगे अब महानिदेशक खेल

मंत्री विश्वास कैलाश सारंग द्वारा संचालक खेल के पद को महानिदेशक खेल के रूप में उन्नयन करने एवं विभागीय कैडर में संयुक्त संचालक का पद संचालक खेल के पद पर उन्नयन का प्रस्ताव समीक्षा बैठक में रखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नियमानुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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