सिंचाई रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, 40 हजार से अधिक किसान ले रहे लाभ

सिंचाई क्षमता में ढाई गुना वृद्धि कोरिया जिले में, 25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला

 

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में कोरिया जिले ने सिंचाई के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। पिछले 25 वर्षों में जिले की कुल सिंचित रकबा में ढाई गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले का सिंचित रकबा 18 हजार 13 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 21 हजार 102 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।

सिंचाई प्रतिशत अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई

यह वृद्धि जिले की कृषि व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। यदि सिंचाई प्रतिशत की बात करें तो यह वर्ष 2000 में 13.72 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई है।

रबी सिंचाई रकबा बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर

कोरिया जिले में रबी फसलों के सिंचाई रकबे में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जहाँ मात्र 3 हजार 595 हेक्टेयर में रबी फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त थी, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।

2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाएँ

जल संसाधन संभाग, बैकुंठपुर के अनुसार, वर्ष 2000 में जिले में 1 मध्यम और 63 लघु सिंचाई परियोजनाएँ संचालित थीं। वर्तमान में 2025 में यह संख्या 2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाओं तक है। इस बीच अविभाजित कोरिया जिले की 43 लघु परियोजनाएँ नवगठित मनेंद्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर जिले को हस्तांतरित की गई हैं।

अब 40 हजार 210 किसान लाभान्वित

वर्ष 2000 में 28 हजार 619  किसान सिंचाई परियोजनाओं से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब लाभान्वित किसानों की यह संख्या बढ़कर 40 हजार 210 तक पहुँच गई है। जिले में वर्तमान में कुल 60 सिंचाई परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें से 2 प्रमुख हैं।

यह उपलब्धि न केवल कोरिया जिले की कृषि उत्पादकता में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की जीवनशैली में आए सकारात्मक बदलाव का भी द्योतक है ।

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