राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर चिंता के बीच राहत भरी खबर, 2 दिनों में नहीं मिला एक भी नया मरीज़

रायपुर

राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर चिंता के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मिथलेश चौधरी ने बताया कि पिछले दो दिनों में राजधानी में कोई नया स्वाइन फ्लू का मामला सामने नहीं आया है। वर्तमान में रायपुर में 19 एक्टिव मरीज हैं, जिनका इलाज जारी है। जनवरी से अब तक 89 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 2 लोगों की मौत हो चुकी है।

स्वाइन फ्लू के लक्षणों के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि बुखार, खांसी, गले में खराश, ठंड लगना, कमजोरी, और शरीर में दर्द प्रमुख लक्षण हैं। गंभीर मामलों में बच्चों को सांस की तकलीफ, निर्जलीकरण और चिड़चिड़ापन हो सकता है। बुजुर्ग, बच्चे, और गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से सावधान रहें क्योंकि उन्हें गंभीर संक्रमण का खतरा होता है।

अगर आपको यह लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से कराएं जांच

विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, ठंड लगना, कमजोरी और शरीर में दर्द शामिल हैं। कुछ मामलों में, बच्चों को सांस की तकलीफ, निर्जलीकरण और चिड़चिड़ापन का अनुभव हो सकता है। खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को गंभीर संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

लोगों इन लक्षणों का हो सकता है अनुभव

    मांसपेशियों में दर्द
    सूखी खांसी
    पेट और आंत संबंधी समस्याएं जैसे उल्टी, दस्त या मतली
    पूरे शरीर में ठंड लगना, थकान या बुखार
    गले में खराश, सांस फूलना, और सिरदर्द

यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं या बिगड़ते हैं, तो जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लें।
औसत स्वाइन फ्लू कितने समय तक रहता है?

ज़्यादातर लोग स्वाइन फ्लू (H1N1) से खुद ही लड़ सकते हैं. H1N1 के लक्षण आम फ़्लू जैसे ही होते हैं. औसतन, लक्षण लगभग आठ दिनों तक रहते हैं. अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं या बिगड़ जाते हैं तत्काल अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
किस अंग को करता है प्रभावित ?

H1N1 जैसे इन्फ्लूएंजा वायरस आपकी नाक, गले और फेफड़ों की कोशिकाओं को संक्रमित करता है. वायरस हवा के माध्यम से फैलता है जब वायरस से पीड़ित व्यक्ति खांसता, छींकता, सांस लेता या बात करता है. जब आप दूषित बूंदों को सांस के साथ अंदर लेते हैं तो वायरस आपके शरीर में प्रवेश करता है.

कितना हानिकारक है स्वाइन फ्लू ?

कुछ लोगों ने स्वाइन फ्लू से जुड़े दस्त और उल्टी की शिकायत की है. अतीत में, लोगों में स्वाइन फ्लू के संक्रमण से गंभीर बीमारी निमोनिया और श्वसन विफलता और मौतें रिपोर्ट की गई हैं. मौसमी फ्लू की तरह, स्वाइन फ्लू अंतर्निहित पुरानी चिकित्सा स्थितियों को और खराब कर सकता है.

स्वाइन फ्लू के लिए सावधानियां ?

स्वाइन फ्लू (H1N1) को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है हर साल फ्लू का टीका लगवाना. फ्लू का टीका 2010 से स्वाइन फ्लू से बचाव में मदद कर रहा है. स्वाइन फ्लू (H1N1) को फैलने से रोकने के अन्य तरीकों में शामिल हैं. छींकते या खांसते समय अपनी नाक और मुंह को टिशू से ढकें.

Swine Flu फैलने का मुख्य कारण क्या है ?

डॉक्टरों के मुताबिक फ्लू इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है. ज्यादातर लोगों को फ्लू तब होता है जब वे फ्लू से पीड़ित किसी व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली छोटी-छोटी हवा में मौजूद बूंदों को सांस के जरिये अंदर लेते हैं. अगर आप वायरस वाली किसी चीज को छूते हैं और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूते हैं, तो भी आपको फ्लू हो सकता है.

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