पिता ने दिल पर पत्थर रखकर बेटी की चिता पर काटा केक

कवर्धा। कभी सोचा नहीं था कि जिस दिन बेटी केक काटेगी, उसी दिन उसे मुखाग्नि दूंगा—यह…