बिलासपुर के स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा मजाक

बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद बिलासपुर के अधिकांश सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन यंत्र की सुविधा नहीं है। जहां यह उपलब्ध हैं, वहां सालों से रिफिलिंग न होने के कारण बेकार पड़े हुए हैं। शिक्षकों ने रिफिलिंग के लिए फंड न होने को कारण बताया। स्कूलों में आग लगने की स्थिति में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं, इसका अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है।

सरकारी स्कूलों में आगजनी की स्थिति में फायर सेफ्टी व्यवस्था क्या है, इसकी जांच के लिए नईदुनिया टीम ने बुधवार को कुछ शहरी स्कूलों का निरीक्षण किया। कुछ स्कूलों में पता चला कि उन्हें कई वर्ष पहले फायर इंस्टिग्यूशर सिलिंडर दिए गए थे, जो अब खाली पड़े हैं और रिफिलिंग नहीं कराई गई है। कई स्कूलों में प्राचार्यों ने स्वीकार किया कि उनके यहां अग्निशमन यंत्र उपलब्ध ही नहीं है। कुछ स्कूलों के स्टाफ को यह भी पता नहीं था कि कभी फायर एक्सटिंग्यूशर दिया गया था या नहीं। शिक्षा विभाग की यह लापरवाही दर्शाती है कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं और निगरानी पूरी तरह बंद है।

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