नकाबपोशों का धावा, सौम्या की मुंहबोली पुत्री के पैतृक घर में वारदात

कोरबा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया की मुंहबोली पुत्री के पिता के घर 20 डकैतों के गिरोह ने मंगलवार रात धावा बोला। परिवार के 11 लोगों को रस्सी से बांध दिया और सौम्या के काला धन को घर में गड़ा कर रखने की बात कहते हुए सब्बल से पूरे घर के फर्श को खोद डाला। तराईडांड गांव में रहने वाले किसान शत्रुध्न दास महंत की कोरबा में रहने वाले सौम्या चौरसिया के परिवार से निकटता थी। उनकी बेटी बबीता सौम्या के घर रह कर पली बढ़ी।

वह अधिकारी बनीं तो बबीता को अपने साथ ले गईं और उसका पूरा लालन- पालन किया। भिलाई में बबीता को पढ़ाई कराते हुए एमबीए कराया। करीब तीन साल पहले उसका विवाह हुआ और वर्तमान में वह अपने पति एवं बच्चे के साथ कुसमुंडा के एक गांव में रहती है।

उसके पिता शत्रुध्न के घर मंगलवार की रात को डेढ से दो बजे के बीच घर की बाउंड्रीवाल लांघ कर 20 हथियारबंद नकाबपोश घुस गए। डकैत देशी कट्टा, तलवार, चाकू, सब्बल व लाठी से लैस थे। घर में घुसते ही सबसे पहले परिवार के 11 सदस्यों को दो-दो नकाबपोश ने अपने कब्जे में लिया और अपने साथ लाए रस्सी से हाथ- पैर बांद मुंह पर टेप चिपका दिए।

पीड़ित शत्रुध्न ने बताया कि डकैतों ने पूछा कि चौरसिया का दिया हुआ धन कहां गड़ा कर रखे हो। यही नहीं डकैत पूरी तैयारी से आए थे और सब्बल से रसोई कक्ष समेत अन्य कमरे के फर्श को खोद डाला। शत्रुध्न का कहना है कि डरा- धमका कर घर की आलमारी की चाबी डकैत ले लिए और उसमें रखे 1.50 लाख नकद व 10 लाख के जेवरात समेट लिए।

भागने से पहले डकैत घर के सदस्यों का पांच मोबाइल अपने साथ ले गए। बताया जा रहा है कि गांव में काफी दिनों से यह चर्चा थी कि इस परिवार के पास काफी धन है। पुलिस को देर से सूचना मिलने की वजह से तत्काल घेराबंदी कार्रवाई नहीं हो सकी। इसका फायदा डकैतों को मिला।

छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा में रहीं सौम्या चौरसिया कांग्रेस शासन के दौरान हुए कोयला परिवहन, शराब व खनिज न्यास मद (डीएमएफ) घोटाले में आरोपित हैं। करोड़ों के इन घोटालों की जांच ईडी, एसीबी और ईओडब्ल्यू कर रही है। वह करीब 21 माह तक जेल में निरुद्ध रहीं और अंतरिम जमानत पर हैं। कोयला घोटाले में 50 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित करने का उन पर आरोप है।

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