छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 40 साल पुराने मामले में फैसला दिया

बिलासपुर: साल 1986 में लंबित बिल भुगतान के लिए 100 रुपये रिश्वत लेने के आरोपित एमपीएसआरटीसी रायपुर के वित्त विभाग के बिल सहायक को हाई कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। निचली अदालत द्वारा सुनाई गई एक वर्ष की सजा और अर्थदंड को न्यायालय ने निरस्त कर दिया है।
यह है मामला

शिकायतकर्ता अशोक कुमार वर्मा ने वर्ष 1981 से 1985 के दौरान सेवाकालीन बकाया बिल भुगतान के लिए वित्त विभाग के बिल सहायक रामेश्वर प्रसाद अवधिया से संपर्क किया था। आरोप था कि अवधिया ने बिल पारित करने के लिए 100 रुपये की रिश्वत मांगी। इस पर शिकायत लोकायुक्त के पास दर्ज कराई गई।

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