मतांतरण मामले में ननों को नहीं मिली कोर्ट से राहत, जमानत याचिका खारिज

दुर्ग: मतांतरण और मानव तस्करी के मामले में जेल में निरुद्ध दो नन प्रीति मैरी, वंदना फ्रांसिस और युवक सुखमन मंडावी ने बुधवार को सत्र न्यायाधीश अनीष दुबे के न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन लगाया। न्यायालय ने जमानत आवेदन का निराकरण करते हुए कहा कि दुर्ग क्षेत्र में हुए मानव तस्करी से संबंधित प्रकरणोें की सुनवाई के लिए बिलासपुर में न्यायालय बना हुआ है। न्यायालय ने आोपियों की ओर से जमानत आवेदन लगाने वाले अधिवक्ता को बिलासपुर के विशेष न्यायालय में आवेदन लगाने कहा। प्रकरण के विवेचना अधिकारी को भी न्यायालय ने फटकार लगाई है। न्यायालय ने विवेचना अधिकारी से पूछा कि मानव तस्करी की मामले में अपराध दर्ज करने से पहले केंद्र सरकार से अनुमति ली गई है या नहीं। इस पर विवेचना अधिकारी ने अनुमति नहीं लिए जाने की जानकारी दी।

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